---Advertisement---

Balrampur News: पेहर बाजार में नवरात्रि की धूम, मंदिर में उमड़े माता के भक्त

On: September 27, 2025 11:33 PM
Balrampur news
---Advertisement---

Balrampur News: बलरामपुर के उतरौला क्षेत्रान्तर्गत पेहर बाजार में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शिव शक्ति धाम के प्राचीन दुर्गा माता मंदिर में 43वां वार्षिक दुर्गा पूजा महोत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस दौरान मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है, जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।

पेहर बाजार में स्थापित 108 फीट ऊंचा माँ का सच्चा दरबार नवरात्रि के प्रारंभ होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठता है। उत्तरौला-मनकापुर मुख्य मार्ग पर पेहर बाजार से लेकर छपिया तक की सड़कें रंग-बिरंगी लाइटों और भगवे झंडों से सजी हुई हैं, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया है। पेहर गांव के प्रत्येक हिंदू परिवार के घरों पर भगवे झंडे दिखाई दे रहे हैं, जिससे पूरा गांव भगवामय नजर आ रहा है।

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष त्रिवेणी विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष उमाशंकर सोनी, मुख्य सहयोगी राजा सिंह और संतोष कुमार मौर्य समेत सैकड़ों लोग इस आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल हैं। संतोष कुमार मौर्य ने बताया कि शिव शक्ति धाम में दुर्गा पूजा महोत्सव का आयोजन लगभग 43 वर्षों से हो रहा है और इसकी प्रतिष्ठा पूरे प्रदेश में है। मंदिर से जुड़ी कई चमत्कारिक कथाएँ भी प्रचलित हैं, जिनमें एक बालक की आंखों का माता की कृपा से ठीक होना शामिल है। भक्त संतान प्राप्ति और अन्य मन्नतों के लिए भी यहां आते हैं।

मंदिर में सुबह और शाम दोनों समय श्री धर्म प्रकाश शास्त्री द्वारा माता रानी की आरती की जा रही है। राम की नगरी अयोध्या धाम से पधारी कथावाचक श्री आराधना शास्त्री जी के द्वारा रात्रि में श्री राम कथा का संगीतमयी प्रवचन किया जा रहा है, जिसका श्रवण पान करने के लिए प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु आ रहे हैं।

शुक्रवार की देर रात को माता रानी के नैनो की पट्टी खोलने का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शिव शक्ति धाम पेहर माता मंदिर अब पूरे प्रदेश में आस्था का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है, और वार्षिक दुर्गा पूजा महोत्सव इसकी भव्यता को और बढ़ा देता है।

दुर्गा माता मंदिर का इतिहास

शिव शक्ति धाम पेहर का मंदिर लगभग चार दशक पुराना है। मंदिर का निर्माण 1984 में किया गया था। मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। माता की आरती, पूजा, हवन, भंडारा आदि करते हैं। मंदिर परिसर में लोग मुंडन संस्कार भी कराते हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment