Balrampur News: दो वर्ष पूर्व 23 अक्तूबर 2023 को गैड़ास बुजुर्ग में पुलिस प्रताड़ना से तंग रामबुझारत पासवान के आत्मदाह मामले में अब नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर हुई एसआईटी जांच में तत्कालीन थानाध्यक्ष पवन कुमार कनौजिया आरोपी बनाए गए थे। इसके बाद भी उसके खिलाफ अभी तक अभियोजन की स्वीकृति नहीं मिल सकी है, जबकि शासन को करीब 10 बार स्वीकृति के लिए रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। हाईकोर्ट की टिप्पणी और कार्रवाई के निर्देश से उपनिरीक्षक की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
हाईकोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच से अब तक अंधेरे में रहे पहलू सामने आने की उम्मीद है। इस मामले में न्यायपालिका, प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही का स्तर जांच के बाद स्पष्ट होगा। तत्कालीन थानाध्यक्ष पवन कुमार कनौजिया वर्तमान में आईजी देवीपाटन मंडल के कार्यालय में तैनात हैं। 8 अक्तूबर को हाईकोर्ट में कोर्ट नंबर 10 में लखनऊ खंडपीठ न्यायमूर्ति रजनीश कुमार और जफीर अहमद ने सुनवाई कर एसआईटी की जांच रिपोर्ट देखी, जिसमें पवन कुमार कनौजिया के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति न होने पर नाराजगी जताई।
मुख्य सचिव को पूरी रिपोर्ट भेजते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया है। साथ ही मामले की सुनवाई तीन नवंबर को तय की है। इसके बाद एक बार फिर मामला सुर्खियों में आ गया है। मामले में आरोपी होने के बाद भी पवन कुमार कार्रवाई से बचते रहे हैं। अंतरिम जमानत पर चल रहे उपनिरीक्षक की अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है। वहीं विभागीय कार्रवाई में लघु दंड ही मिला था। मृतक की पत्नी कुसुमा देवी ने कहा कि अब हाईकोर्ट से ही न्याय की उम्मीद है।
पुलिस प्रताड़ना से तंग होकर लगा ली थी आग
मृतक की पत्नी कुसुमा देवी के अनुसार उनके पति राम बुझारत (35) ने गैड़ास बुजुर्ग में एक भूखंड पर अवैध कब्जा रोकने और पुलिस एवं उच्च अधिकारियों से न्याय दिलाने की मांग की थी। इसके बावजूद उनके हिस्से की जमीन पर जबरन पिलर लगवाए गए। इससे आहत होकर राम ने थाने के बाहर फेसबुक लाइव में खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर 23 अक्तूबर 2023 को आग लगा ली थी। राम बुझारत को 24 अक्टूबर को करीब 45 फीसदी जलने के बाद गंभीर हालत में केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। बाद में कुसुमा देवी की याचिका पर हाईकोर्ट ने एसआईटी जांच कराई थी।
गैड़ास बुजुर्ग क्षेत्र में हुए मामले की जांच एसआईटी कर रही है। हाईकोर्ट से जो भी आदेश मिलेंगे। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
राघवेंद्र प्रताप सिंह, क्षेत्राधिकारी उतरौला






