Balrampur News: सड़क दुर्घटना में घायल उतरौला कोतवाली के उपनिरीक्षक अनिल यादव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीदत्तगंज में एक घंटे तक इलाज के बिना तड़पता पड़ा। कारण, अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। खाकी के डर से फार्मासिस्ट ने बिना किसी चिकित्सक को सूचना दिए एसआइ अनिल यादव को संयुक्त जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। हालत नाजुक होने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया है। अगर समय से एसआइ को उपचार मिल जाता, तो उनके शरीर से लगातार खून बहने के कारण हालत गंभीर नहीं हुई होती।
एसआइ अनिल यादव रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित साप्ताहिक परेड में शामिल होकर बाइक से उतरौला लौट रहे थे। रास्ते में ट्रैक्टर-ट्राली से टक्कर हो जाने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए। उतरौला प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह व श्रीदत्तगंज थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह ने उन्हें तत्काल एंबुलेंस से सीएचसी श्रीदत्तगंज पहुंचाया। अस्पताल पहुंचने के बाद एक घंटे तक कोई चिकित्सक इलाज के लिए नहीं आया। कारण, डा. सुमंत सिंह चौहान रात ड्यूटी के बाद सुबह आठ बजे अस्पताल से निकल गए थे। अधीक्षक डा. आनंद प्रकाश त्रिपाठी व चिकित्साधिकारी डा.अभिषेक यादव अस्पताल से गायब थे। उतरौला कोतवाल ने बताया कि सीएमओ को कई बार फोन लगाया, लेकिन उन्होंने काल रिसीव नहीं किया। इसके बाद एसडीएम उतरौला को सूचना देने पर सीएमओ ने फोन किया। इस दौरान घायल उपनिरीक्षक के शरीर से लगातार खून बहता रहा।
फार्मासिस्ट मनीष यादव ने दोनों चिकित्सकों को सूचना दिए बिना ही घायल एसआइ को रेफर कर दिया। सवाल यह है कि जब आमजन की सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी को ही तत्काल उपचार नहीं मिल सका, तो सामान्य मरीजों के प्रति संवेदनहीनता का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. मुकेश कुमार रस्तोगी का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है।






