Balrampur News: बलरामपुर जिले की 157 ग्राम पंचायतों को अब सरकार से प्रोत्साहन मिलेगा। कम आबादी और सीमित बजट के कारण वित्तीय संकट का सामना कर रहीं ये पंचायतें अब ‘पंचायत प्रतिपूर्ति एवं प्रोत्साहन योजना’ के तहत आत्मनिर्भर बन सकेंगी। यह योजना 2011 की जनगणना के आधार पर 1500 तक की आबादी वाली ग्राम पंचायतों के लिए लागू की गई है।
इस योजना के अंतर्गत, यदि कोई ग्राम पंचायत अपने राजस्व स्रोत (ओएसआर) में वृद्धि करती है, तो उसे विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई पंचायत 10 हजार रुपये का राजस्व जुटाती है, तो सरकार उसे पांच गुना यानी 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देगी। यह राशि जनसंख्या और अनुसूचित जाति-जनजाति की आबादी के अनुपात में वितरित की जाएगी।
यह पहल उन पंचायतों के लिए आर्थिक संबल प्रदान करेगी जिन्हें अब तक कम जनसंख्या के कारण सीमित बजट मिलता था, जिससे बुनियादी विकास कार्य प्रभावित होते थे। प्रोत्साहन राशि से पंचायतों को विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन प्राप्त होंगे। पंचायतें मछली पालन, हाट-बाजार या अन्य स्थानीय व्यवसायों से आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
जिले के नौ ब्लॉकों में कुल 793 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें से 157 पंचायतों की आबादी 1500 के आसपास है। इनमें सदर ब्लॉक की 20, गैंडास बुर्जुग की सात, गैंसड़ी की 27, हरैया सतघरवा की 24, पचपेड़वा की 23, रेहरा बाजार की 11, श्रीदत्तगंज की 20, तुलसीपुर की 16 और उतरौला ब्लॉक की नौ ग्राम पंचायतें शामिल हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि कम आबादी वाली पंचायतों के लिए यह विशेष योजना शुरू की गई है। संबंधित पंचायतों की सूची शासन को भेज दी गई है। ओएसआर जमा करने पर शासन स्तर से बजट आवंटित किया जाएगा, जिससे ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर बन सकेंगी।






