Gonda News: शासन द्वारा चलाए जा रहे “नये आपराधिक कानूनों के प्रति जन-जागरूकता अभियान 2.0” के अंतर्गत आज रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा स्थित अमर शहीद राजेन्द्र नाथ लाहिड़ी बहुउद्देश्यीय हाल में पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल की अध्यक्षता में एक विस्तृत गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी, क्षेत्राधिकारी, प्रतिसार निरीक्षक एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री मनोज कुमार रावत, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय सहित अभियोजन अधिकारी एवं सहायक अभियोजन अधिकारियों ने नये आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता, 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023, एवं भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 2023 के प्रमुख प्रावधानों, उनके प्रभावी कार्यान्वयन, तुलनात्मक बदलावों तथा प्रायोगिक उपयोगिता पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
अभियोजन अधिकारियों ने बताया कि इन नए कानूनों का मुख्य उद्देश्य तेज, पारदर्शी एवं पीड़ित-केंद्रित न्याय प्रणाली स्थापित करना है। नये प्रावधानों में प्रक्रियात्मक सरलता, प्रौद्योगिकी का अधिकतम उपयोग, समयबद्ध अभियोजन प्रक्रिया तथा न्यायिक प्रणाली में डिजिटल सुधार पर विशेष बल दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक श्री विनीत जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी नये कानूनों का गहन अध्ययन कर उनकी व्यावहारिक समझ विकसित करें, जिससे इनका प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक थाना प्रभारी अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों को भी इन कानूनों की मुख्य विशेषताओं से अवगत कराएं तथा थानों पर प्रशिक्षण सत्र एवं चर्चा कार्यक्रम आयोजित करें।
एसपी गोण्डा ने यह भी कहा कि आमजन तक नये आपराधिक कानूनों की जानकारी पहुंचाने हेतु ग्राम स्तर पर जन-जागरूकता कार्यक्रम, विद्यालयों व महाविद्यालयों में संवाद सत्र, तथा पोस्टर-बैनर के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इन कानूनों की सही जानकारी पहुंचे और विधिक साक्षरता का स्तर बढ़े।
कार्यक्रम में जनपद के सभी वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी, प्रतिसार निरीक्षक एवं अन्य पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।








