Gonda News: गोंडा में लगभग 700 शिक्षामित्रों को अभी तक वेतन नहीं मिला है, जिससे वे परेशान हैं। वेतन न मिलने का मुख्य कारण बैंकों की लापरवाही और प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक तथा बड़ौदा यूपी बैंक के विलय के बाद उत्पन्न हुई तकनीकी समस्याएं हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने सभी बैंकों को शिक्षामित्रों के वेतन के लिए पीपीए (पर्सनल पे अकाउंट) भेज दिया था।
प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक और बड़ौदा यूपी बैंक के विलय की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण शिक्षामित्रों को वेतन नहीं मिल पा रहा है। उनके खातों को बार-बार प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक से उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक और फिर बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक में स्थानांतरित किया गया है, जिससे लगातार दिक्कतें आ रही हैं।
इस समस्या से तंग आकर शिक्षामित्र संगठन ने अब उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक से अपने खाते हटाने और किसी अन्य बैंक में नए खाते खुलवाने का निर्णय लिया है।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के गोंडा जिला अध्यक्ष अवधेश मणि मिश्रा ने बताया कि धरना प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद बैंकों को वेतन का पैसा भेजा गया था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने कहा कि दो बैंकों के विलय के बाद भी सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है। मिश्रा ने आगे कहा कि वे अब अपने खाते दूसरे बैंकों में स्थानांतरित करेंगे ताकि हर महीने होने वाली इस परेशानी से बचा जा सके। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि जिन शिक्षामित्रों को सितंबर का वेतन मिल गया है, उन्हें भी अक्टूबर का वेतन मिलने में दिक्कत हो सकती है।
वही गोंडा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल तिवारी ने बताई कि मेरे द्वारा पीपीए बना करके बैंकों को भेज दिया गया है। आईएफएससी कोड बदलने के कारण इस तरीके से दिक्कत हो रही हैं और बैंकों द्वारा लापरवाही पूर्वक भुगतान नहीं किया जा रहा है।
हम लोगों ने बैंक के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है उम्मीद है कि जल्द ही वेतन भुगतान हो जाएगा। इनके आईएफससी कोड चेंज होने के कारण कई बार पीपीए हम लोग बनाकर भेजे हैं। वह बार-बार रिजेक्ट हो जा रहा है ऐसे में बैंक की लापरवाही है।








