Gonda News: गोंडा में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की हिरासत में संजय सोनकर (35) की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। गोंडा आरपीएफ के दो सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, इन तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
निलंबित किए गए कर्मियों में सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार, करण सिंह और सिपाही अमित कुमार यादव शामिल हैं। आरपीएफ के डीआईजी चंद्र मोहन मिश्रा ने इस पूरे मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं और वे स्वयं इसकी जांच कर रहे हैं।
संजय सोनकर को 4 नवंबर को सरसों तेल चोरी के एक कथित मामले में पूछताछ के लिए आरपीएफ ने हिरासत में लिया था। उसी दिन देर रात हिरासत में उनकी मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने आरपीएफ कर्मियों पर हिरासत के दौरान संजय के साथ बेरहमी से मारपीट करने और करंट देकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
परिजनों के अनुसार, पिटाई से संजय की हालत बिगड़ी, जिसके बाद आरपीएफ कर्मी उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि आरपीएफ कर्मी शव को मॉर्च्युरी में छोड़कर भाग गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, मृतक संजय के भाई की शिकायत पर नगर कोतवाली पुलिस ने निलंबित दोनों सब इंस्पेक्टर, सिपाही अमित कुमार यादव और कुछ अज्ञात कर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में संजय की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए बिसरा को लैब जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस ने कहा है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है बिसरा रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देर रात आरपीएफ के डीआईजी चन्द्रमोहन मिश्रा ने भी गोंडा पहुंचकर मामले की जांच-पड़ताल की है। आरपीएफ डीआईजी चन्द्रमोहन मिश्रा ने बताया कि इन तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है इनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं। पूरे मामले की जांच मेरे द्वारा की जा रही है।








