Balrampur News: बलरामपुर जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन पर जारी किए जा रहे ई-चालानों की वसूली में सुस्ती देखी जा रही है। अप्रैल से अक्टूबर के बीच जारी कुल 2.44 करोड़ रुपये के जुर्माने में से लगभग 42 प्रतिशत राशि अब भी बकाया है। प्रवर्तन व्यवस्था में ढिलाई के कारण वाहन चालकों में लापरवाही बढ़ रही है।
पहले जहां मौके पर पुलिस की कार्रवाई का डर रहता था, वहीं ई-चालान प्रणाली लागू होने के बाद कई चालक जुर्माना भरने को लेकर निश्चिंत रहते हैं। उन्हें लगता है कि चालान भरने या न भरने से कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होगी।
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से अक्टूबर माह के बीच जिले में कुल 6260 दोपहिया और चारपहिया वाहनों के विरुद्ध ई-चालान जारी किए गए थे। इन पर कुल दो करोड़ 44 लाख 98 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया था। हालांकि, अब तक केवल एक करोड़ 42 लाख 70 हजार रुपये की राशि ही वसूल हो पाई है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, समय पर ई-चालान का भुगतान न होने पर संबंधित वाहन को पोर्टल पर ‘डिफॉल्टर’ की श्रेणी में दर्ज किया जाता है। हालांकि, इस प्रक्रिया की जानकारी आम लोगों को न होने के कारण समय पर भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिससे लंबित चालानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
निर्धारित समयावधि में चालान न भरने वाले मामलों का निस्तारण परिवहन विभाग लोक अदालत के माध्यम से कर रहा है। लोक अदालत में जुर्माना भरने के बाद भी यदि वाहन मालिक एआरटीओ कार्यालय में इसे अपडेट नहीं कराते हैं, तो उनका नाम पोर्टल पर डिफॉल्टर के रूप में दर्ज रहता है।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी बृजेश यादव ने बताया कि वाहन मालिकों को निर्धारित समय में चालान का भुगतान करना चाहिए। उन्होंने लोक अदालत से नोटिस आने की प्रतीक्षा करने के बजाय समय पर भुगतान कर पोर्टल में जानकारी अद्यतन करवाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई या असुविधा से बचा जा सकेगा।






