Balrampur News: बलरामपुर जिले की 48 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिसके कारण पंचायत सचिवालयों पर ताले लटक गए हैं। इससे गांवों में संचालित सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंच पा रहा है और ऑनलाइन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
वर्ष 2021 में ग्रामीणों को गांव में ही ऑनलाइन सेवाएं, जैसे जन्म, मृत्यु, आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पंचायत सचिवालयों की स्थापना की गई थी। इन सचिवालयों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में पद रिक्त होने से ये सचिवालय बंद पड़े हैं।
पंचायत सहायकों का कहना है कि कार्य का बोझ अधिक होने के बावजूद उन्हें मिलने वाला मानदेय बहुत कम है। इसके अतिरिक्त, मानदेय के भुगतान में भी अक्सर देरी होती है। इन्हीं कारणों से युवाओं में अब इस पद को संभालने के प्रति रुचि कम हो गई है।
कुल 48 रिक्त पदों में से 36 सहायकों ने त्यागपत्र दे दिया था। तीन सहायकों का निधन हो चुका है, जबकि चार को प्रशासनिक समितियों द्वारा निष्कासित किया गया है। तीन पदों के लिए कोई योग्य अभ्यर्थी नहीं मिला, और दो सहायक पिछले दो वर्षों से कार्य पर उपस्थित नहीं हैं।
रिक्त पदों का ब्लॉकवार विवरण इस प्रकार है: सदर ब्लॉक में 11, हरैया सतघरवा में 8, तुलसीपुर में 4, गैंडासबुर्जुग में 2, रेहराबाजार में 4, उतरौला में 1, गैंसड़ी में 7 और श्रीदत्तगंज में 7 पंचायत सहायकों के पद खाली हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया उपाध्याय ने बताया कि नए पंचायत सहायकों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। ब्लॉकों से प्राप्त आवेदनों का सत्यापन किया जा रहा है और जल्द ही चयन प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, ताकि इन सचिवालयों को फिर से चालू किया जा सके।






