Balrampur News: विदेशी फंडिंग से अवैध धर्मांतरण और जमीन सौदेबाजी में फंसे जमालुद्दीन उर्फ छांगुर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब उसके पुराने राजदार और अहम सहयोगी मोहम्मद अहमद खान ने एटीएस (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड) के समक्ष कई अहम खुलासे किए हैं। माना जा रहा है कि अहमद खान अब इस मामले में एटीएस का गवाह बन सकता है।
सूत्रों के अनुसार, मंगलवार को अहमद खान से एटीएस मुख्यालय लखनऊ में पूछताछ हुई। इसमें उसने पुणे की 16 करोड़ रुपये की जमीन डील से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी है। एजेंसी को इस सौदे में विदेशी फंडिंग की आशंका है। जांच शुरू होते ही अहमद खान ने छांगुर से दूरी बना ली थी।
जुलाई में जारी एक वीडियो में उसने छांगुर पर धोखा देने का आरोप लगाया था और कहा था कि पुणे की डील में उसके साथ छल किया गया। तभी से यह साफ हो गया था कि अहमद खान अब एटीएस की जांच में “टर्निंग पॉइंट” साबित होगा। फिलहाल सभी की निगाहें अब एटीएस की तीसरी चार्जशीट पर टिकी है, जिससे पुणे जमीन सौदे का राज सामने आएगा।
तीसरी चार्जशीट की तैयारी में जुटी एटीएस
अब तक एटीएस दो चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। दूसरी चार्जशीट में 33 गवाह शामिल हैं, जिनमें 18 पुलिसकर्मी, एक औरैया की दुष्कर्म पीड़िता और तीन धर्मांतरित महिलाएं हैं। अब एजेंसी तीसरी चार्जशीट तैयार कर रही है। माना जा रहा है कि इसमें पुणे की सौदेबाजी और विदेशी फंडिंग से जुड़े अहम बिंदु सामने आएंगे। फिलहाल एटीएस पूछताछ और चार्जशीट की प्रक्रिया को संपूर्ण रूप से गोपनीय रखे हुए है। सूत्रों के अनुसार एजेंसी मोहम्मद अहमद खान को मुख्य गवाह बनाने की दिशा में काम कर रही है। अगर ऐसा हुआ तो छांगुर की कानूनी मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
कोर्ट के बाबू और परिवार की भी जांच
पुणे डील में छांगुर के साथ सीजेएम कोर्ट का बाबू, उसकी पत्नी और पिता की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। एटीएस इन सभी की भूमिका की जांच में जुटी है। अब तक यह बात सामने आई है कि सीजेएम कोर्ट के बाबू राजेश उपाध्याय ने पुणे की जमीन में पत्नी संगीता देवी को हिस्सेदार बनवाया था। इसके साथ ही नीतू के खाते से लेनदेन का मामला भी सामने आ चुका है।
तीसरी चार्जशीट में क्या हो सकता है नया
- पुणे की 16 करोड़ की जमीन डील पर एटीएस का फोकस
- विदेशी फंडिंग और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच
- कोर्ट बाबू, पत्नी और पिता की संदिग्ध भूमिका पर रिपोर्ट
- मोहम्मद अहमद खान के बयान बन सकते हैं निर्णायक
- सम्भावना है कि एटीएस उसे मुख्य गवाह बनाए






