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Balrampur News: देवीपाटन मंदिर से CM का संदेश धार्मिक स्थल राष्ट्रीय एकता के केंद्र एक भारत श्रेष्ठ भारत पर करें फोकस

On: November 11, 2025 1:03 PM
Balrampur News
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Balrampur News: बलरामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देवीपाटन मंदिर के ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी की 25वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल केवल आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता के प्रतीक भी हैं। मुख्यमंत्री ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के तहत कार्य करने का आह्वान किया।

सीएम योगी ने देवीपाटन मंदिर को समाजसेवा, शिक्षा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले 40 वर्षों में मंदिर परिसर में भक्तों के लिए कई सुविधाएं विकसित की गई हैं। इनमें निःशुल्क प्रसाद, धर्मशाला, यात्री विश्राम गृह और गौ सेवा कार्यक्रम शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मंदिर परिसर में 1994 में थारू जनजाति के छात्रों के लिए एक उत्कृष्ट छात्रावास शुरू किया गया था। इस छात्रावास से निकले छात्र आज समाज के विभिन्न क्षेत्रों में देश निर्माण में योगदान दे रहे हैं। इसके अतिरिक्त, सीबीएसई बोर्ड से संचालित मां पाटेश्वरी विद्यालय कस्बे और आसपास के गांवों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में धार्मिक स्थल केवल आस्था के प्रतीक नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकात्मकता के संवाहक भी हैं। उन्होंने कहा कि मठ और मंदिर बिना किसी भेदभाव के समान आचरण और व्यवहार का संदेश देते हैं। मुख्यमंत्री ने गोरक्षनाथ मंदिर और देवीपाटन शक्तिपीठ को भारत-नेपाल के बीच सांस्कृतिक सेतु के रूप में भी वर्णित किया,जिससे दोनों देशों की संस्कृति और पूजा-पद्धति में समानता का बोध होता है।

मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ योगी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और लोककल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए। उन्होंने गोरक्षपीठ के ब्रह्मलीन पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ द्वारा शुरू की गई विकास की परंपरा को आगे बढ़ाया, जो आज भी निरंतर जारी है। सीएम ने कहा कि संत वही है जो समाज के लिए जीता है, इसलिए ब्रह्मलीन महंत महेंद्र नाथ आज भी श्रद्धा के साथ याद किए जाते हैं।

वंदे मातरम् का किया जिक्र

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” के रचयिता बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय को भी नमन किया और कहा कि 150 वर्षों में यह गीत भारत की आत्मा का स्वर बन चुका है।

उन्होंने लोहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करते हुए कहा, “देश की स्वतंत्रता केवल आज़ाद होने का प्रतीक नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह राष्ट्रीयता के भाव को बनाए रखे। जिस देश का युवा जागृत और राष्ट्र चेतना से ओतप्रोत होता है, उसे कोई ताकत पराधीन नहीं बना सकती।”

योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि देवीपाटन मंदिर की सेवाएं यह प्रमाण हैं कि जब धार्मिक संस्थाएं आस्था के साथ लोककल्याण को जोड़ती हैं,तब वे राष्ट्र निर्माण की सच्ची प्रयोगशालाएं बन जाती हैं।

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