Balrampur News: बलरामपुर जिले के उतरौला कोतवाली पुलिस के कथित मनमाने रवैए के खिलाफ स्थानीय अधिवक्ताओं में आक्रोश देखने को मिला। गुरुवार को बार एसोसिएशन उतरौला के अध्यक्ष अखिलेश सिंह के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से बहिष्कार करते हुए विरोध दर्ज कराया।
जानकारी के अनुसार, अधिवक्ता अखिलेश यादव के परिवार के साथ पुलिस ने बिना किसी ठोस मेडिकल रिपोर्ट की पुष्टि के मनमानी कार्रवाई की। बताया गया कि पुलिस ने मामले में धारा 118(2) BNS की बढ़ोतरी कर दी और बिना महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के अधिवक्ता के घर में घुसकर उत्पात मचाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और घर में लगे CCTV कैमरे का DVR जबरन निकाल लिया गया।
बार एसोसिएशन का आरोप है कि पुलिस उपाध्यक्ष उतरौला ने न्यायिक अधिकारी के चेंबर में जाकर रिमांड स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया, जो न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर हमला है।
अध्यक्ष अखिलेश सिंह ने कहा कि इस तरह की घटनाएँ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती हैं और अधिवक्ताओं का मनोबल तोड़ने का प्रयास हैं। संघ ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान सभी अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।






