Balrampur News: नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय, बलरामपुर ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 5 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम है।
यह मामला 17 मार्च 2020 का है। थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में पीड़िता के पिता ने लिखित तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजू वर्मा पुत्र सुरेश वर्मा, निवासी कटरा शंकर नगर टेढ़ीपुरवा, ने उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली नगर में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। बाद में इसमें धारा 376 AB भादवि और 5(m)/6 पॉक्सो एक्ट को जोड़ा गया।
तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय राय ने मामले की विवेचना की और आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय में विचारण के दौरान, मॉनिटरिंग सेल के नोडल प्रभारी अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष लोक अभियोजक पवन कुमार शुक्ला, प्रभारी मॉनिटरिंग सेल बृजानंद सिंह और थाना कोतवाली नगर की पुलिस टीम ने सशक्त पैरवी की।
ठोस साक्ष्य और सटीक अभियोजन के आधार पर, विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट, बलरामपुर ने आरोपी को दोषी ठहराया और उसे 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ का मुख्य उद्देश्य जघन्य अपराधों में दोषियों को समयबद्ध और कठोर सजा दिलाना है। इससे समाज में भयमुक्त वातावरण बनेगा और कानून के प्रति लोगों का विश्वास कायम होगा।





