Balrampur News: बलरामपुर में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालना शुरू कर दिया है। दिन में तेज धूप और रात में बढ़ती ठंडक के बीच तापमान के उतार-चढ़ाव से निमोनिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। संयुक्त जिला चिकित्सालय और जिला मेमोरियल अस्पताल के बाल रोग विभाग में सर्दी-जुकाम, खांसी और बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है।
पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के कारण बच्चों में श्वसन संबंधी संक्रमण बढ़ रहा है, जो कई बार निमोनिया का रूप ले लेता है। कई छोटे बच्चों में सांस लेने में तकलीफ और सीने में घरघराहट जैसी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
संयुक्त जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन चौधरी ने अभिभावकों को बच्चों की देखभाल में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि “बच्चों को ठंड से बचाने के साथ ही स्वच्छता और पौष्टिक भोजन पर ध्यान देना जरूरी है।” उन्होंने बच्चों को नंगे पैर न चलने, ठंडे पेय पदार्थों से परहेज करने और गंदे पानी में खेलने से बचने की हिदायत दी। डॉ. चौधरी ने कहा कि “यदि बच्चे को तेज बुखार, लगातार खांसी या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।”
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ सिंह ने बताया कि निमोनिया एक गंभीर संक्रमण है, जो सीधे फेफड़ों को प्रभावित करता है और सांस लेने में कठिनाई पैदा करता है। उन्होंने कहा कि “मौसम के इस उतार-चढ़ाव के दौरान निमोनिया के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।” उन्होंने माता-पिता को बच्चों को गुनगुना पानी पिलाने, संतुलित आहार देने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रखने की सलाह दी। साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी श्वसन संक्रमण को हल्के में न लें और शुरुआती लक्षणों पर ही इलाज शुरू करें।
डॉक्टर ने बच के रहने की सलाह दी
मौसम का असर बुजुर्गों पर भी स्पष्ट दिख रहा है। जिला अस्पताल में सांस फूलने और खांसी-जुकाम की शिकायत लेकर आने वाले बुजुर्ग मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि बुजुर्ग लोग सुबह-शाम ठंड से बचाव करें, गुनगुना पानी पिएं और धूल या धुएं वाले वातावरण से दूर रहें। उन्होंने कहा कि “यदि सांस लेने में तकलीफ हो, तो तुरंत चिकित्सक से जांच करवाएं और उपचार शुरू करें।”
बलरामपुर के डॉक्टरों का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी, ऐसे में सावधानी और समय पर इलाज ही संक्रमण से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।






