Balrampur News: बलरामपुर जिले के तुलसीपुर नगर पंचायत के पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू हत्याकांड में सोमवार को एमपी-एमएलए कोर्ट पर सुनवाई टल गई। विशेष न्यायाधीश दीप नारायण तिवारी ने अब पांच नवंबर की तिथि तय की है। वहीं मुकदमे के वादी के अधिवक्ता की ओर से जिला जज के यहां मामले की सुनवाई दूसरे कोर्ट पर कराने की मांग की गई है। पूरे दिन इस बहुचर्चित हत्याकांड में फैसला आने की चर्चा थी। ऐन वक्त पर तिथि तय होने की खासी चर्चा रही।
पूर्व चेयरमैन की हत्या चार जनवरी 2022 की रात करीब 10:20 बजे नगर के जरवा मार्ग पर हुई थी। इसमें पुलिस ने पूर्व सपा सांसद रिजवान जहीर, उनकी पुत्री जेबा रिजवान और दामाद रमीज अहमद समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने पूर्व सांसद रिजवान जहीर पर गंभीर आरोप लगाकर रासुका तक की कार्रवाई की थी। पुलिस का आरोप था कि सपा में टिकट की दावेदारी में पूर्व चेयरमैन फिरोज अहमद उर्फ पप्पू की हत्या की गई थी। इस मामले की करीब-करीब सुनवाई पूरी हो चुकी थी। सोमवार को फैसला आने की उम्मीद से सियासी खेमों के साथ ही आम लोगों में काफी चर्चा थी। पूर्व सांसद रिजवान जहीर इस समय ललितपुर जेल में बंद हैं। इस मुकदमें में फैसले से आगे की स्थिति स्पष्ट हो जाती। उनकी बेटी जेबा रिजवान व दामाद रमीज जमानत पर हैं।
पंचायत चुनाव की हिंसा में हो चुके हैं बरी
वर्ष 2021 में पंचायत चुनाव के दौरान बेलीखुर्द में हिंसा में बीते 29 अक्तूबर को एमपी-एमएलए कोर्ट ने फैसला सुनाया था। मामले में पूर्व सांसद रिजवान जहीर, उनके दामाद रमीज समेत अन्य दो पक्षों के 11 आरोपी बरी कर दिए गए थे। पंचायत चुनाव की हिंसा में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस मामले में आरोपियों को संदेह का लाभ मिला। इसके बाद हत्याकांड के आरोप में फैसले पर पूर्व सांसद के परिजनों की निगाहें टिकी थीं। फिलहाल सुनवाई टलने से इंतजार बढ़ गया है।
पंचायत चुनाव में सक्रिय होने की तैयारी में हैं जेबा
राजनीति परिदृश्य से लंबे समय से पूर्व सांसद का परिवार दूर है। पंचायत चुनाव की तैयारी हो रही है। माना जा रहा है कि पूर्व सांसद का परिवार राजनीति में फिर से सक्रिय होने की तैयारी कर रहा है। पंचायत चुनाव में जेबा रिजवान या परिवार का कोई सदस्य सामने आने की तैयारी में हैं। सभी की निगाहें फिरोज अहमद हत्याकांड पर हैं, फैसले के आधार पर परिवार राजनीति निर्णय लेगा। माना जा रहा है कि वादी पक्ष से आपत्ति के बाद फैसला लंबा खिंच सकता है। फिलहाल कोर्ट के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हैं।






