Balrampur News: बलरामपुर जिले की सदर तहसील के ग्राम गौरा त्रिकोलिया के मथुरा बिलासपुर में एक जमीन को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद गहरा गया है। दोनों पक्ष जमीन पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन की भूमिका और स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठने लगी है।
हिंदू समुदाय का दावा है कि यह विवादित जमीन एक प्राचीन मंदिर से संबंधित है और इसका उपयोग वर्षों से धार्मिक कार्यों के लिए किया जा रहा है। ग्राम प्रधान नरेंद्र देव वर्मा के नेतृत्व में ग्रामीण इस जमीन पर हवन कुंड और बाउंड्री वॉल का निर्माण करवा रहे हैं। उनका कहना है कि यह कार्य धार्मिक भावनाओं और गांव की आस्था से जुड़ा है।
वहीं, दूसरे समुदाय का तर्क है कि यह जमीन सरकारी है। उनके अनुसार, इसका कुछ हिस्सा सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन है, जबकि शेष ग्राम समाज की संपत्ति है। स्थानीय निवासी आतिफ मनीहार ने बताया कि यह जमीन वर्षों से खाली पड़ी थी और दोनों समुदाय इसे अस्थायी रूप रूप से इस्तेमाल करते रहे थे।
मनीहार के मुताबिक, हाल ही में जब इस जमीन पर स्थायी निर्माण कार्य शुरू हुआ, तब मुस्लिम समुदाय ने आपत्ति जताई। आतिफ मनीहार ने आरोप लगाया कि यह निर्माण कार्य जमीन पर कब्जा करने की नीयत से किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि स्थिति स्पष्ट होने तक निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए और भूमि के स्वामित्व की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में तनाव की आशंका बनी हुई है। हालांकि,अब तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। प्रशासन ने दोनों पक्षों से संयम बनाए रखने की अपील की है।
तहसील प्रशासन ने बताया कि जमीन के स्वामित्व को लेकर जांच की जा रही है। लेखपाल और राजस्व टीम को मौके पर भेजा गया है, जो रिकॉर्ड के आधार पर स्थिति स्पष्ट करेगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी पक्ष को बिना अनुमति स्थायी निर्माण करने की अनुमति नहीं है।






