Balrampur News: बलरामपुर पुलिस को ऑपरेशन कनविक्शन और मिशन शक्ति अभियान (फेज-5.0) के तहत दोषियों को सजा दिलाने के अभियान में बड़ी सफलता मिली है। जिला एवं सत्र न्यायालय बलरामपुर ने दहेज हत्या के दो आरोपियों दीनानाथ विश्वकर्मा और सुमित्रा देवी को दोषी ठहराया है। दोनों राजाजोत खजुरिया, थाना गौरा चौराहा के निवासी हैं।
न्यायालय ने उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 498A, 304B और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा-4 के तहत 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, प्रत्येक पर 15,000-15,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला थाना गौरा चौराहा में दर्ज किया गया था। वादी ने शिकायत की थी कि दहेज की मांग पूरी न होने पर उसकी बेटी की ससुराल पक्ष द्वारा हत्या कर दी गई थी।
तत्कालीन क्षेत्राधिकारी राधा रमण ने मामले की विवेचना की और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देश पर थाना गौरा चौराहा पुलिस, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी बृजानंद सिंह और डीजीसी (क्रि0) कुलदीप सिंह ने प्रभावी पैरवी की। इसी के परिणामस्वरूप दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाई जा सकी।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने कहा कि दहेज प्रथा समाज पर एक कलंक है। उन्होंने बताया कि महिलाओं के प्रति अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने का पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।





