Gonda News: गोंडा जिले में मोतीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बिरवा बभनी ग्राम पंचायत के हतवा गांव में न्यायालय के आदेश पर जमीन की पैमाइश करने गए सरकारी कोर्ट अमीन जितेंद्र कुमार पटेल और सहायक प्रमोद कुमार के साथ मारपीट पर सरकारी अभिलेख फाड़ना प्रधान प्रतिनिधि को भारी पड़ गया है।
सरकारी कोर्ट अमीन जितेंद्र कुमार पटेल के तहरीर पर मोतीगंज थाने की पुलिस ने मारपीट सरकारी अभिलेख पढ़ने जान से मारने की धमकी और गाली गलौज को लेकर के मुकदमा दर्ज कर आरोपी प्रधान प्रतिनिधि बद्री प्रसाद यादव को गिरफ्तार कर लिया है। मोतीगंज थाने की पुलिस द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र काजीदेवर में प्रधान प्रतिनिधि बद्री प्रसाद यादव का मेडिकल कराया गया है और इसके बाद न्यायालय में पेश कर पूरे मामले की जांच मोतीगंज थाने की पुलिस द्वारा की जा रही है।
सरकारी कोर्ट अमीन जितेंद्र कुमार पटेल ने मोतीगंज थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था। कि वह कल देर शाम जमीन की पैमाइश करने के लिए गए हुए थे तभी बद्री प्रसाद यादव गाली गलौज देते हुए सरकारी कागजात लेकर फाड़ दिए और भद्दी -भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी है। पैमाइश ना बंद करने पर फर्जी मुकदमे में फसाने की धमकी उनके द्वारा दी गई है।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल द्वारा पूरी घटना का संज्ञान लेते हुए मोतीगंज थाना अध्यक्ष अरविंद यादव को कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। मोतीगंज थाने की पुलिस ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बद्री प्रसाद यादव को गिरफ्तार करके जब एसडीएम सदर अशोक गुप्ता के न्यायालय में लेकर पहुंची। तो वहां बिना एसडीएम के मौजूदगी के ही स्टोनों द्वारा शांति भंग के धाराओं में जमानत दे दिया गया है। अब सवाल इस बात का उठ रहा है कि बिना एसडीएम की मौजूदगी और बिना उनके जानकारी के कैसे जमाना दे दिया गया। क्या गोंडा सदर तहसील में तैनात स्टोनों ही सबको जमानत देते हैं या फिर एसडीएम द्वारा दी जाती है।
जब इस पूरी मामले को लेकर के अपर जिला अधिकारी गोंडा आलोक कुमार से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कैसे जमानत दी गई बिना एसडीएम की मौजूदगी के इसकी जांच कराई जाएगी। वही जब एसडीएम अशोक गुप्ता से बात की गई तो उन्होंने बताया मैं एक डीएम के कार्यक्रम में था मेरे स्टोनों द्वारा जमानत दे दी गई है। सवाल किया गया कि आप नहीं मौजूद थे तो बोले कि जमानत बांड आया था बांड के आधार पर जमानत दी गई है।








